महाराष्ट्र में कभी भी हट सकता है राष्ट्रपति शासन

संजय भट्ट। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 के बाद जहां NDA को बहुमत मिला था जिसमें बीजेपी को 105 व शिव सेना को 56 सीट मिली थी। वहीं UPA को बहुमत नहीं मिला और NCP को 53 व कांग्रेस 44 को सीट मिली। निर्दलीयों को 13 व अन्य के खाते में 16 सीट आई।

लेकिन शिव सेना 50-50 के फार्मूले पर अड़ गई और मुख्यमंत्री पद से कम पर मानने से इंकार कर दिया।

CONGRESS व NCP के पास कोर्ट जाने का विकल्प –

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया और बीजेपी को 48 घण्टे का समय दिया। बीजेपी जब सरकार बनाने में नाकाम रही तो राज्यपाल में शिव सेना को 24 घंटे का समय दिया। शिव सेना ने राज्यपाल से 48 घंटे का समय मांगा तो राज्यपाल ने NCP को बुलावा दे दिया और एनसीपी को 24 घंटे का समय सरकार बनाने के लिए दे दिया।

परन्तु अभी NCP को दिए 24 घंटे भी पूरे नहीं हुवे थे कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने लगभग दोपहर 3 बजे राष्ट्रपति को महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए पत्र भेज दिया और NCP को दिए 24 घंटे से पहले ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया।

यहाँ गौर करने वाली एक बात और है कि राज्यपाल में कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित ही नहीं किया। जबकि BJP, शिवसेना, NCP को आमंत्रित किया गया। अब ऐसे में NCP व कांग्रेस न्यायालय का दरवाजा खटखटा कर न्याय मांग सकती है।

निलंबित विधानसभा में कभी भी बन सकती है सरकार –

बता दें कि महाराष्ट्र में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने विधानसभा को निलंबित किया है, विधानसभा को भंग नहीं किया है। राष्ट्रपति शासन लागू करने के आदेश में विधानसभा को भंग किए जाने की स्थिति में विधानसभा के पास कोई शक्ति नहीं होती और 6 महीने के अंदर दोबारा चुनाव कराने जरूरी होते हैं। परन्तु अगर राज्यपाल को लगता है कि राज्य में स्थिति बदल सकती है या सरकार बनाई जा सकती है, तो वे विधानसभा को निलंबित करने की सिफारिश करते हैं।

विधानसभा निलंबित किए जाने पर, राष्ट्रपति शासन कभी भी हटाया जा सकता है और विधानसभा अपनी मूल स्थिति में लौट सकती है। जब भी कभी सरकार बनने की स्थिति बने, तो राष्ट्रपति शासन हटाया जा सकता है। ऐसे में महाराष्ट्र में सरकारबनने की संभावना लगातार बनी हुई है।

शिव सेना पहुंची कोर्ट –

शिव सेना ने राज्यपाल से सरकार बनाने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी परन्तु राज्यपाल ने शिवसेना को बीजेपी से आधा ही समय दिया जिसपर शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

आज की राजनीति में यह भी विकल्प –

महाराष्ट्र की 288 सीट वाली विधानसभा ने BJP-105, शिवसेना-56, NCP-53, कांग्रेस-44, निर्दलीय-13 व अन्य-16 सीट जीत कर आये हैं।

288 सीट वाली विधानसभा में बहुमत का जादुई आंकड़ा 145 सीट का है। राष्ट्रपति शासन के दौरान अगर शिवसेना-NCP-कांग्रेस साथ नहीं आ पाती हैं तो। BJP-105, निर्दलीय व अन्य-29 का साथ 134 सीट पर पहुंचता है जो जादुई आंकड़े से महज 11 कम है।

ऐसे में अगर शिवसेना-NCP-कांग्रेस के 11 विधायक पाला बदल कर बीजेपी के साथ आते हैं, तो बीजेपी बहुमत हासिल कर सकती है। दूसरा- यदि शिवसेना-NCP-कांग्रेस के 11 विधायक बहुमत परीक्षण के दौरान सदन से बाहर रहते हैं तो भी बीजेपी बहुमत साबित कर सकती है। जबकि तीसरा- अगर 21 विधायक विधानसभा से इस्तीफा दे दें तो विधानसभा 267 की रह जाएगी और बीजेपी+निर्दलीय+अन्य मिलकर बहुमत हासिल कर लेंगे।

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