150 पुलिसकर्मियों को डेंगू: डेंगू से 100 की मौत- मोर्चा, 50,000 को डेंगू- जुगरान, 50 मरे 10,000 को डेंगू धस्माना

देहरादून। डेंगू के डंक से पुलिस भी पस्त हो गई है, करीब 150 पुलिसकर्मी बीमार डेंगू से बीमार पड़े हैं। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के बीमार पड़ने से कामकाज प्रभावित हो गया है। एसपी सिटी श्वेता चौबे, सीओ और कई इंस्पेक्टर भी वायरल बुखार से पीड़ित चल रहे हैं। एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने बीमार पुलिसकर्मियों को समुचित उपचार मुहैया कराने के लिए सीओ सिटी को नोडल अधिकारी बनाया है।

इतने अधिक पुलिस कर्मियों को डेंगू के बाद भी सरकार अभी तक 1866 लोगों में डेंगू की पुष्टि बता रही है। जबकि धरातल पर हकीकत कुछ और ही है। और जनसामान्य डेंगू से त्रस्त है।

जबकि आज जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश में डेंगू ने महामारी का रूप धारण कर लिया है तथा सरकार/विभाग के बदइंतजामात/सुस्ती ने कई घरों के चिरागों को असमय मौत के मुँह में धकेल दिया है। डेंगू जैसी बीमारी ने सरकारी सुस्ती की वजह से महामारी का रूप धारण कर लिया है, जिसका नतीजा ये हुआ कि डेंगू से मरने वालों की संख्या 100 का आंकड़ा छूने वाली है तथा हजारों लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं।

वहीं राज्य आंदोलनकारी और बीजेपी नेता रविंद्र जुगरान ने शासन-प्रशासन पर डेंगू को लेकर लीपापोती करने का आरोप लगाया। देहरादून में एक प्रेस कॉंफ़्रेंस कर जुगरान ने शासन पर आंकड़े छुपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में कम से कम 50,000 डेंगू से प्रभावित हुए हैं। जुगरान ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर राज्य में मौजूद आर्मी, ओएनजीसी, वाडिया इंस्टीटयूट जैसे केंद्र संस्थानों के हॉस्पिटल को भी आम जनता के लिए खोलने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी-गैर सरकारी हॉस्पिटल मरीजों से पैक हो चुके हैं इसलिए यह कदम उठाया जाना ज़रूरी है।

वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्य कांत धस्माना ने भी आरोप लगाया कि डेंगू से 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है व 10,000 से अधिक लोगों को अबतक डेंगू हो चुका है। मुख्यमंत्री खुद स्वास्थ्य मंत्री हैं और स्वास्थ्य की हालत लचर बनी हुई है। 200-500 के ब्लड टेस्ट के 1600 रु तक लिए जा रहे हैं। हॉस्पिटलों में मरीजों के लिए जगह नहीं है।

यही नहीं डॉक्टर की डेंगू से मौत के साथही मीडिया कर्मी, कांग्रेस अनुसूचित जाति अध्यक्ष दर्शन लाल, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की पत्नी, कांग्रेस विधायक मनोज रावत की पत्नी, कांग्रेस महासचिव राजपाल खरोला भी डेंगू के डंक से पीड़ित हैं। यही नहीं सरकारी विभागों, स्कूलों, यहां तक कि अदालतों के कार्य भी डेंगू के चलते समय-समय पर बाधित हो रहा है।

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