नन्हें सुनील के लिए सहारा बने कांस्टेबल रविन्द्र गिरी

रुद्रप्रयाग/गुप्तकाशी। उत्तराखण्ड पुलिस के ऐसे जवानों के लिए दिल में और भी सम्मान पैदा होता है, जो लोगों की सहायता के लिए सदैव समर्पित रहते हैं। सोमवार को गुप्तकाशी, रूद्रप्रयाग में ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल रविन्द्र गिरी को बाजार में एक 5 वर्षीय बच्चा अकेला घूमता और रोता हुआ मिला। रविन्द्र ने बच्चे के पास जाकर उससे प्यार से रोने का कारण पूछा, तो बच्चे ने कहा- अंकल मेरा नाम सुनील है। मैं अपने दोस्त के साथ गाड़ी में बैठकर उखीमठ से यहां आ गया हॅँ। अब वापस घर कैसे जाऊँ कुछ पता नहीं।

रविन्द्र गिरी ने बच्चे को शान्त कराया और उसके परिजनों के बारे में जानकारी ली, तो पता चला कि बच्चे के पिता नहीं हैं और माता मानसिक रूप से अस्वस्थ रहती हैं। ग्राम सारी, ऊखीमठ में उसके एक रिश्तेदार ईमान सिंह रहते हैं। रविन्द्र ने बच्चे के रिश्तेदार ईमान सिंह से सम्पर्क कर उन्हें थाने पर बुला लिया। ईमान सिंह के पहुंचने तक रविन्द्र ने बच्चे को अपने साथ ले जाकर बाजार से उसके लिए पैंट शर्ट और जूते ले लिय, तो बच्चे का चेहरा खुशी से खिल उठा। ईमान सिंह जब थाने पहुंचे तो बच्चे ने उन्हें पहचान लिया और दौड़कर उनके पास चला गया। बच्चे को सकुशल पाकर उन्होंने तहे दिल से रविन्द्र गिरी का आभार जताया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *