उत्तराखण्ड में सरकारी कर्मचारियों के लिए झटका: सरकार ने 15 तरह के भत्ते किए खत्म

The95news, देहरादून। उत्तराखण्ड की बीजेपी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के भत्ते को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य के कर्मचारियों को मिलने वाले 15 तरह के भत्ते को खत्म कर दिया है।

? स्वैच्छिक परिवार कल्याण भत्ता
? प्रतिनियुक्ति भत्ता
? प्रशिक्षण भत्ता, 
? जीपीएफ पासबुक रखरखाव भत्ता
? कैश भत्ता
? द्विभाषी/कंप्यूटर भत्ता
? पासपुक रखरखाव भत्ता
? कोषागार-उपकोषागार कर्मियों का आईपीएओ भत्ता 
? सचिवालय में तैनाती का भत्ता
? कोषागार, उपकोषागार भत्ता
? स्नातकोत्तर भत्ता,
? संग्रह अमीनों का लेखन सामग्री भत्ता
? लोक निर्माण विभाग के तहत भत्ता
? अपराध और अनुसंधान विभाग में तैनात कर्मियों को भत्ता
? अवैध खनन निरोधक सतर्कता इकाई में कार्यरत कर्मियों को भत्ता
? एसटीएफ को विशेष भत्ता
? सतर्कता विभाग में तैनात कर्मियों को भत्ता

उत्तराखंड के वित्त सचिव अमित नेगी द्वारा जारी आदेश में यह फैसला लिया गया है। सरकार ने भत्ते समाप्त करने के आदेश वाले बयान भी जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक सरकार नेयह फैसला वेतन समिति के तृतीय प्रतिवेदन में की गई संस्तुतियों के आधार पर किया गया है। इसे आदेश को राज्यपाल की भी मंजूरी मिल गई है।

बता दें कि राज्य सरकार ने जिन भत्तों को खत्म करने का निर्णय लिया है, उनमें स्वैच्छिक परिवार कल्याण भत्ता, प्रतिनियुक्ति भत्ता, प्रशिक्षण भत्ता, जेपीएफ पासबुक रखरखाव के लिए प्रोत्साहन भत्ता, स्नातोक्तर भत्ता, अवैध खनन निरोधक इकाई, एसटीए और सतर्कता कर्मियों को मिलने वाला भत्ता आदि शामिल है।

उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य के कर्मचारियों को मिलने वाले 15 तरह के भत्ते को खत्म कर दिया है। सरकार का यह फैसला 1 फरवरी 2019 से लागू होगा और सरकारी कर्मचारियों को अब इन भत्तों का लाभ नहीं मिलेगा। माना जा रहा है कि इस कदम से सरकारी कर्मचारियों खुश नहीं हैं।

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