नीड़, महिला शोषण, थप्पड़बाजी, वायरल ऑडियो छोड़ कांग्रेस ने 56 बीजेपी ने 60 किए निष्कासित…

The95news, देहरादून। प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति द्वारा नगर निकाय चुनाव में जिला कांग्रेस कमेटियों से मिली शिकायतों के उपरान्त पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ कार्य करने वाले लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निष्कासित किया गया है।

उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना ने बताया कि जिन लोगों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित किया गया है उनमें
नगर निगम, देहरादून के यमुना काॅलोनी वार्ड 33 से अरूण उनियाल, अनूप पासी, मुकेश पासी गोलू, काॅलागढ़ वार्ड 31 से राजेन्द्र धवन, संजय थापा, यशपाल धवन, सागर गुरूंग, पश्चिमी पटेलनगर वार्ड 44 से आशीष ग्रोबर एवं प्रीति ग्रोबर,
नगर पालिका परि.,शिवालिक नगर से किरण सिंह, एम.डी. शर्मा, राजेन्द्र भंवर, पुनीत सलोनिया, दिग्विजय सिंह याद, रवि चौधरी एवं कुलवन्त चड्ढा,
नगर पालिका परिषद, डीडीहाट से श्रीमती पुष्पा देउपा तथा
नगर पंचायत केलाखेडा से हामिद अली
को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते तत्काल प्रभाव से पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है।

धस्माना ने यह भी बताया कि कई अन्य लोगों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है तथा संतोषजनक उत्तर न मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक अनुशासित संगठन है तथा इसमें यदि अनुशासनहीनता होती है तो उसे कतई बर्दास्त नहीं किया जायेगा तथा जो भी पार्टी अनुशासन की लाईन पार करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

बता दें कि इससे पूर्व भी कांग्रेस ने अपने 38 कार्यकर्ताओं को निष्कासित किया था। 08 नवम्बर को प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति द्वारा नगर निकाय चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ कार्य करने वाले लोगों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निष्कासित किया गया है।

उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना ने बताया कि जिन लोगों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित किया गया था उनमें –
नगर निगम, देहरादून से सुनील जायसवाल, मोहन सिंह नेगी एवं दिनेश भण्डारी,

नगर पालिका परिषद, डोईवाला से श्रीमती शिल्पी नेगी एवं विक्रम सिंह नेगी,
नगर पालिका परिषद जोशीमठ से रमेश सती, सुभाष डिमरी, नरेशानन्द नौटियाल, सरिता नौटियाल, अजीत पाल रावत, सुखदेव सिंह बिष्ट, हरीश सती, अनिल नम्बूरी, समीर डिमरी, मोहन सिंह राणा, अनीता नेगी,
नगर पालिका परिषद पौडी से श्रीमती नीलम रावत, उपेन्द्र भट्ट,
नगर पालिका परिषद, पिथौरागढ से अजय महर,
नगर पंचायत, बेरीनाग हेम पन्त,
नगर पालिका परिषद अल्मोडा त्रिलोचन जोशी, अख्तर हुसैन, केवल सती, मनोज सनवाल, दानिश खान, पंकज वर्मा, कमल पन्त, अमरनाथ सिंह रावत,
नगर पालिका परिषद बागेश्वर दिलीप खेतवाल, रणजीत सिंह बोरा, दीपक खेतवाल, किशन नगरकोटी, इन्द्र सिंह परिहार, भवानी राम आगरी, सुरेश खेतवाल, रेखा खेतवाल,
नगर पंचायत भीमताल से सौरभ रौतेला, विक्रम जीना
को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते तत्काल प्रभाव से पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है।

धस्माना ने यह भी बताया कि कई अन्य लोगों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक अनुशासित संगठन है तथा इसमें यदि अनुशासनहीनता होती है तो उसे कतई बर्दास्त नहीं किया जायेगा तथा जो भी पार्टी अनुषासन की लाईन पार करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

सूर्यकान्त धस्माना ने यह भी बताया कि प्रदेष कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला कांग्रेस अध्यक्षों को निर्देश दिये हैं कि जिन जिला स्तरीय कांग्रेसजनों की पार्टी विरोधी गतिविधियेां की शिकायत मिले उनके खिलाफ समुचित कार्रवाई की जाय। 

बता दें कि टिकट वितरण के दौरान कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष और उनके भतीजे की दबंगई काफी चर्चा में रही थी। अनुशासन समिति के अध्यक्ष के बगतीजे ने 23 अक्टूबर को कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के देहरादून महानगर अध्यक्ष ताबी कमर खान के थप्पड़ भी, कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में ही जड़ दिया था और कांग्रेस भवन में जमकर लात घुसे चले थे जो मामला मीडिया में खूब सुर्खियों में रह था। परन्तु गांधी जी की अहिंसात्मक कांग्रेस की आज की कार्यवाही कांग्रेस पर ही सवाल खड़े करने के लिए काफी नजर आती गई।

यही नहीं कांग्रेस के 2 नेताओं की ऑडियो भी वायरल हुई थी, जिसमें हरीश रावत के खिलाफ काम करने वालोंनको टिकट देने और असभ्य व जाती सूचक शब्दों का भी प्रयोग किया गया था। उनपर भी कांग्रेस ने कोई कार्यवाही नहीं की है।

बात यह नहीं है कि कांग्रेस ने ऐसा किया है बीजेपी का हाल कांग्रेस से 4 कदम आगे है…

भाजपा प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के निर्देशानुसार स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे एवं पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पार्टी कार्यकर्ताओं को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 वर्ष के लिये तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है। जिनमें देहरादून नगर निगम (देहरादून), मनित वालिया (मोंटी वालिया), प्रेमलता बिष्ट, त्रिलोचन/लोचन, ऋशि थापा, विनोद ध्यानी, वर्षा बड़ौनी, नवनीत काला, संजय बहुगुणा, विनोद नेगी, सुषमा कुकरेती, अभिषेक पंत, कविन्द्र सेमवाल, गजेन्द्र नेगी, अजय शर्मा, अमित वर्मा, अनूप सक्सेना, कुलदीप कपूर, अनुराग गुप्ता, नगर निगम कोटद्वार, (पौड़ी), विभा चौहान, शशी नैनवाल, सुधा सती, धीरेन्द्र चौहान, नगर पालिका रामनगर (नैनीताल) ममता गोष्वामी, नगर पालिका भवाली (नैनीताल) लवेन्द्र क्वीरा, नगर पालिका टनकपुर (चम्पावत) विपिन कुमार, भीम रजवार, नगर पालिका चम्पावत (चम्पावत) प्रकाश तिवारी, दीपक तांगड़ी।
नगर पालिका अल्मोड़ा …. मनोज बिष्ट, नगर पालिका डोईवाला देहरादून …संजय प्रजापति, मधु डोभाल, पुरूषोत्तम डोभाल, नगर पालिका शिवालिक नगर हरिद्वार … उपेन्द्र शर्मा, संजीव चौधरी, अतुल वशिष्ठ, पंकज चौहान, चमन चौहान, अमित पाठक, नगर पालिका जोशीमठ चमोली … भगवती प्रसाद कर्णवाल, नगर पालिका गौचर चमोली … मीना लिंगवाल, महाराज सिंह लिगवाल, नगर पालिका पौड़ी पौड़ी … कुसुम चमोली, नगर पालिका टिहरी टिहरी … सुषमा उनियाल, नगर पालिका ढालवाला टिहरी …. योगेश राणा,
नगर पालिका चम्बा टिहरी … निर्मला बिष्ट, सुनीता पुंडीर, सतवीर पुंडीर, नगर पालिका उत्तरकाशी उत्तरकाशी … कुलदीप बिष्ट, नगर पालिका रूद्रप्रयाग रूद्रप्रयाग … सुशीला बिष्ट, नगर पंचायत सुल्तानपुर ऊधमसिंह नगर … राकेश सैनी, मनोज सैनी, नगर पंचायत लोहाघाट चम्पावत .. गोविन्द वर्मा, नगर पंचायत बनबसा रानी कापड़ी, नगर पंचायत स्वर्गाश्रम पौड़ी मनोज राजपूत, नगर पंचायत सतपुली पौड़ी मीनू डंगवाल, जगदम्बा डंगवाल, नगर पंचायत घनशाली टिहरी साहिब सिंह कुमाई, नगर पंचायत लम्बगांव टिहरी भरोसी देवी, रोशन सिंह रांगड़, नगर पंचायत पुरोला उत्तरकाशी उपेन्द्र सिंह असवाल शामिल हैं।

लेकिन बीजेपी ने अपने संगठन महासचिव संजय कुमार को सिर्फ पद से हटाया है। जबकि उनपर महिला के साथ शोषण के गंभीर आरोप है।

वहीं बीजेपी महागर अध्यक्ष विनय गोयल पर भी बीजेपी खामोश है जिन्होंने महिलाओं को बीजेपी के तथाकथित आजीवन ब्रह्मचारी नेताओं की नीड़ बताया था।

क्या उत्तराखण्ड की मातृशक्ति, महिलाएं, बहु-बेटियां बीजेपी नेताओं और संघ कार्यकर्ताओं की नीड हैं। सवाल गम्भीर है और जवाब शून्य।

बतातें चलें कि राजनैतिक पार्टीयों में निलंबन निष्कासन रसम अदायगी भर होता है। पिछले चुनाव में जो अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ा था उसे इस बार टिकट होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। हर चुनाव में 6 साल के लिए निष्कासन और फिर अगले चुनाव में “आ गले लग जा” पार्टीयों की जग जाहिर रीति नीति है।

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